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जगनिक (भारतीय साहित्य के निर्माता) - Jagnik (Makers of Indian Literature)

पुस्तक परिचय

जगनिक हिंदी के आदिकाल, जिसे वीरगाथा काल या चारण काल भी कहा जाता है, के एक विलक्षण कवि हैं । इस कालखंड के कवि राज्याश्रित रहकर प्राय: अपने आश्रयदाता की प्रशस्ति में काव्य रचते थे, लेकिन जगनिक चंदेल नरेश के राज्याश्रित होते हुए भी उस युग के योद्धा 'आल्हा ' को चरित्र बना महाकाव्य लिखते हैं । जगनिक की यह विशेषता उन्हें अन्य राज्याश्रित कवियों की तुलना में उच्च पद पर प्रतिष्ठित कर देती है । शौर्य और श्रृंगार के इस अद्भुत लोक गायक की आल्हाकी लोकप्रियता गाँवों और झोपड़ियों में रहने वाले निरक्षर सामान्य जन से लेकर देश-विदेश के साहित्य पारखियों तक है । जगनिक के जन्म स्थान और उनके रचना काल के निर्धारण में विद्वानों में मतभिन्नता है । ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि आल्हा महाकाव्य की कोई भी प्रामाणिक हस्तलिपि प्राप्त नहीं होती है; साथ ही आल्हा में जगनिकसे मिलते- जुलते कई अन्य नामों के कारण हत्थी और उलझती चली जाती है । लेकिन परमाल के शासन काल ( 1115-1202) में दरबारी कवि होने के आधार पर जगनिक का काव्य काल 1160 से मृत्युपर्यंत रहा होगा, ऐसा अनुमान लगाया जाता है । जहाँ तक आल्हा काव्य की रचना की बात है तो उसे परमाल की पराजय (1821) के कुछ वर्षो बाद लिखा गया होगा । जगनिक के जन्म स्थल को लेकर भी मतभिन्नता है । कोई उन्हें सकोहा ( जगनेर) तहसील हटा  (दमोह) से तो कोई आगरा किले की खैरागढ़ तहसील का मानता है । ज्यादातर विद्वान उन्हें महोबा ( बुंदेलखंड) के आसपास के किसी गाँव का निवासी मानते हैं । माना यह भी जाता है कि जगनिक तथा आल्हा-ऊदल बाल सखा रहें होंगे ।

लेखक परिचय

अयोध्या प्रसाद गुप्त ' कुमुद ' (जन्म 15 जुलाई 1944, जालौन) लेखक एवं पत्रकार है । बुदेलखंड की संस्कृति और लोक जीवन पर आठ से ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित । माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय की फ़ेलोशिप पर ' बुंदेलखंड की पत्रकारिता विषयक पुस्तक का लेखन । लोक साहित्य एवं संस्कृति में योगदान के लिए उ.प्र. संगीत नाटक अकादेमी तथा उ.प्र. हिंदी संस्थान से पुरस्कृत । आप उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र, इलाहाबाद तथा उ. प्र. संगीत नाटक अकादमी, लखनऊके सदस्य भी रहे हैं ।

 

 

अनुक्रम

 

प्रस्तावना

9

1

लोकगायक जगनिक एक बहुआयामी व्यक्तित्व

11

2

युगीन परिदृश्य

29

3

'आल्हा' की कथावस्तु

44

4

'आल्हा' की ऐतिहासिकता

54

5

आल्हा का काव्यसौष्ठव

61

6

आल्हा-गायकी

84

7

आल्हा की प्रासगिकता

90

 

परिशिष्ट

 

1

संदर्भसाहित्य सूची

95

2

'आल्हा' से सबधित पुरातत्वीय स्थल

98

 

 

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