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सांख्य योग दर्शन में अन्तः करण: Inner Self in The Philosophy of Samkhya Yoga


लेखिका परिचय

डॉ. रजनी नौटियाल शैक्षणिक योग्यता : पी. एच. डी., एम. ए. योग, एम. ए. दर्शनशास्त्र डिप्लोमा : योग शिक्षा (डी. वाई. एड.), कैवल्यधाम, लोनावाला रचनायें : १. सांख्य-योग दर्शन में अन्तः करण २. हठयोग पद्धति सोलह वर्षों से योग विभाग की स्थापना से आपके द्वारा योग विभाग हे. नं. ब. गढ़वाल विश्वविद्यालय में डिप्लोमा व डिग्री पाठ्यक्रम का शिक्षण व अध्यापन कार्य करवाया जा रहा है, साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों, क्षेत्रों में योग शिविरों का पशिक्षण दिया जा रहा है | आपके २५ से अधिक शोध पत्र प्रकाशित है साथ ही विदेशी नागरिकोँ के लिए योग शिविर (एक माह) का आयोजन २००७ से किया जा रहा है जिसमे साऊथ कोरिया, स्पेन, जर्मनी, चीन के नागरिक प्रत्येक वर्ष विश्वविद्यालय में आकर पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करते है | विभिन्न रोग बी.पी. (हाई-लो), मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, नेत्र विकार, स्त्री रोग, माइग्रेन इत्यादि रोगोंसे रोगियों को निजात डी जा रही हैं | देश-विदेश के सड़कों की दिनचर्या में सुधर लाकर उन्हें जीवन जीने की कला का प्रशिक्षण देकर आध्यात्मिक आनंद दिया जा रहा हैं |

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