Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindi > सन्त वाणी > जयदयाल गोयन्दका > अनन्य भक्ति कैसे प्राप्त हो?: How to Get Ananya Bhakti
Subscribe to our newsletter and discounts
अनन्य भक्ति कैसे प्राप्त हो?: How to Get Ananya Bhakti
अनन्य भक्ति कैसे प्राप्त हो?: How to Get Ananya Bhakti
Description

निवेदन

संसारमें बहुत भ्रम फैले हुए हैं कि कलियुगमें भगवत्प्राप्ति नहीं होती, माता-बहिनोंको प्राप्ति नहीं होती, गृहस्थोंको भी भगवत्प्राप्ति नहीं होती। गीताप्रेसके संस्थापक श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाने इन गलत परम्पराओंका अपने प्रवचनोंसे खण्डन किया है। उनका कहना था कि पापीसे पापी, मूर्खसे मूर्ख मानवमात्र इस कलियुगमें भी शीघ्रसे शीघ्र भगवत्प्राप्ति कर सकता है । भगवत्प्राप्ति मनुष्यका जन्मसिद्ध अधिकार है। वह अपनी अकर्मण्यताके कारण इस महान् आनन्दसे वंचित रह जाता है । अत: मनुष्यको इस काममें एक पलका भी विलम्ब नहीं करना चाहिये। यही मनुष्यमात्रका प्रधान कर्तव्य है, यदि इस जन्ममें प्रमादमें समय बिताया तो कितनी योनियोंमें मनुष्यको भटकना पड़ सकता है, इसकी कोई गणना नहीं हो सकती।

''श्रद्धेय गोयन्दकाजीके एक ही लगन थी कि मनुष्योंका कल्याण कैसे हो? इसलिये वे सत्संगका आयोजन स्थान-स्थानपर करनेकी चेष्टा करते थे। उन्होंने जो प्रवचन दिये थे, उनको संग्रहीत किया गया था। उन प्रवचनोंके कुछ अंशको पुस्तकका रूप दिया जा रहा है, जिससे पाठकोंको इनसे विशेष लाभ हो। श्रद्धेय गोयन्दकाजी सत्संग, भजन, ध्यान, निष्कामसेवा-भगवत्प्राप्ति के ये चार प्रधान उपाय बताया करते थे, इन्हीं विषयोंपर प्रस्तुत प्रवचनोंमें प्रकाश डाला गया है जिससे सभी भाई-बहन अपना मनुष्य-जीवन सफल बना सकते हैं।

 

विषय-सूची

 

1

पापी एवं मूर्ख भी शीघ्र भगवत्प्राप्ति कर सकते हैं

5

2

अपने साथ जानेवाली चीजोंमें सद्भाव भरें

16

3

वर्तमानमें ब्राह्मणोंके कर्तव्य एवं निष्काम भावकी महिमा

26

4

निष्कामताकी व्याख्या

38

5

भगवान्के जन्म-कर्मकी दिव्यता

42

6

भगवान्के ध्यानसे आनन्दकी प्राप्ति

45

7

श्रद्धाकी महिमा

68

8

सनातन धर्म तथा भगवान्के उपदेश नित्य हैं

78

9

प्रेमकी प्रधानता

89

10

उद्धारके लिये तत्परताकी आवश्यकता

104

11

सत्संगकी बातोंको आचरणमें लायें

111

12

अनन्यभक्ति कैसे प्राप्त हो?

117

13

प्रश्नोत्तर

125

 

 

अनन्य भक्ति कैसे प्राप्त हो?: How to Get Ananya Bhakti

Item Code:
GPA301
Cover:
Paperback
Edition:
2011
Language:
Sanskrit Text With Hindi Translation
Size:
8.0 inch X 5.5 inch
Pages:
128
Other Details:
Weight of the Book: 120 gms
Price:
$5.00   Shipping Free
Be the first to rate this product
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
अनन्य भक्ति कैसे प्राप्त हो?: How to Get Ananya Bhakti
From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 5573 times since 30th Sep, 2015

निवेदन

संसारमें बहुत भ्रम फैले हुए हैं कि कलियुगमें भगवत्प्राप्ति नहीं होती, माता-बहिनोंको प्राप्ति नहीं होती, गृहस्थोंको भी भगवत्प्राप्ति नहीं होती। गीताप्रेसके संस्थापक श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाने इन गलत परम्पराओंका अपने प्रवचनोंसे खण्डन किया है। उनका कहना था कि पापीसे पापी, मूर्खसे मूर्ख मानवमात्र इस कलियुगमें भी शीघ्रसे शीघ्र भगवत्प्राप्ति कर सकता है । भगवत्प्राप्ति मनुष्यका जन्मसिद्ध अधिकार है। वह अपनी अकर्मण्यताके कारण इस महान् आनन्दसे वंचित रह जाता है । अत: मनुष्यको इस काममें एक पलका भी विलम्ब नहीं करना चाहिये। यही मनुष्यमात्रका प्रधान कर्तव्य है, यदि इस जन्ममें प्रमादमें समय बिताया तो कितनी योनियोंमें मनुष्यको भटकना पड़ सकता है, इसकी कोई गणना नहीं हो सकती।

''श्रद्धेय गोयन्दकाजीके एक ही लगन थी कि मनुष्योंका कल्याण कैसे हो? इसलिये वे सत्संगका आयोजन स्थान-स्थानपर करनेकी चेष्टा करते थे। उन्होंने जो प्रवचन दिये थे, उनको संग्रहीत किया गया था। उन प्रवचनोंके कुछ अंशको पुस्तकका रूप दिया जा रहा है, जिससे पाठकोंको इनसे विशेष लाभ हो। श्रद्धेय गोयन्दकाजी सत्संग, भजन, ध्यान, निष्कामसेवा-भगवत्प्राप्ति के ये चार प्रधान उपाय बताया करते थे, इन्हीं विषयोंपर प्रस्तुत प्रवचनोंमें प्रकाश डाला गया है जिससे सभी भाई-बहन अपना मनुष्य-जीवन सफल बना सकते हैं।

 

विषय-सूची

 

1

पापी एवं मूर्ख भी शीघ्र भगवत्प्राप्ति कर सकते हैं

5

2

अपने साथ जानेवाली चीजोंमें सद्भाव भरें

16

3

वर्तमानमें ब्राह्मणोंके कर्तव्य एवं निष्काम भावकी महिमा

26

4

निष्कामताकी व्याख्या

38

5

भगवान्के जन्म-कर्मकी दिव्यता

42

6

भगवान्के ध्यानसे आनन्दकी प्राप्ति

45

7

श्रद्धाकी महिमा

68

8

सनातन धर्म तथा भगवान्के उपदेश नित्य हैं

78

9

प्रेमकी प्रधानता

89

10

उद्धारके लिये तत्परताकी आवश्यकता

104

11

सत्संगकी बातोंको आचरणमें लायें

111

12

अनन्यभक्ति कैसे प्राप्त हो?

117

13

प्रश्नोत्तर

125

 

 

Post a Comment
 
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to अनन्य भक्ति कैसे प्राप्त... (Hindi | Books)

The Bhakti Movement in Orissa
Deal 20% Off
by Achintya Kumar Deb
Hardcover (Edition: 1984)
Punthi Pustak
Item Code: NAH045
$36.00$28.80
You save: $7.20 (20%)
Add to Cart
Buy Now
The Science of Emotion's Culture (Bhakti Yoga)
Item Code: IDF702
$19.50
Add to Cart
Buy Now
Sri Guru Darsana (Revelation of The Divine Master)
Item Code: NAM349
$43.00
Add to Cart
Buy Now
Gems From The Ocean of Devotional Hindu Thought
by V.Krishnamurthy
Paperback (Edition: 2011)
ReadWorthy Publications
Item Code: NAD176
$31.00
Add to Cart
Buy Now
The Value of Values
Item Code: NAD015
$19.00
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
Namaskaram. Thank you so much for my beautiful Durga Mata who is now present and emanating loving and vibrant energy in my home sweet home and beyond its walls.   High quality statue with intricate detail by design. Carved with love. I love it.   Durga herself lives in all of us.   Sathyam. Shivam. Sundaram.
Rekha, Chicago
People at Exotic India are Very helpful and Supportive. They have superb collection of everything related to INDIA.
Daksha, USA
I just wanted to let you know that the book arrived safely today, very well packaged. Thanks so much for your help. It is exactly what I needed! I will definitely order again from Exotic India with full confidence. Wishing you peace, health, and happiness in the New Year.
Susan, USA
Thank you guys! I got the book! Your relentless effort to set this order right is much appreciated!!
Utpal, USA
You guys always provide the best customer care. Thank you so much for this.
Devin, USA
On the 4th of January I received the ordered Peacock Bell Lamps in excellent condition. Thank you very much. 
Alexander, Moscow
Gracias por todo, Parvati es preciosa, ya le he recibido.
Joan Carlos, Spain
We received the item in good shape without any damage. It is simply gorgeous. Look forward to more business with you. Thank you.
Sarabjit, USA
Your sculpture is truly beautiful and of inspiring quality!  I wish you continuous great success so that you may always be able to offer such beauty to all people throughout the world! Thank you for caring about your customers as well as the standard of your products.  It is extremely appreciated!! Sending you much love.
Deborah, USA
I’m glad you guys understand my side, well you guys have one of the best international store,  And I will probably continue being pleased costumer Thank you guys so much.
Renato, Brazil
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2021 © Exotic India