Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address info@exoticindia.com.

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Hindu > हिन्दी > यौगिक क्रियाएँ (एक योगी के अनुभव)- Experiences of a Yogi
Subscribe to our newsletter and discounts
यौगिक क्रियाएँ (एक योगी के अनुभव)- Experiences of a Yogi
Pages from the book
यौगिक क्रियाएँ (एक योगी के अनुभव)- Experiences of a Yogi
Look Inside the Book
Description

पुस्तक के विषय में

श्री प्रभाकर केशवराव मोतीवाले जिन्हे आत्मीयजन "बापू" के नाम से जानते है , एक सहज, सरल, सौम्य, प्रेममय, चैतन्य व्यक्तित्व जिनकी सागर समान गहरी आँखे उनके व्यक्तित्व का सतत भं करती रहती है |

मात्र वर्ष की अल्पायु में ही आपको अपने पूर्व जन्मो की घटनाएँ समझने आने लगी |

सन १९७७-७८ में साधना तासीर पर रहते हुए सूक्ष्म जगत की दिव्य आत्माओ के संपर्क में आए | सूक्ष्म जगत के संचालनकर्ता परम गुरु श्री कालनमेजी के मार्गदर्शन एवं सूक्ष्म जगत की दिव्य आत्माओ के सहयोग, सतसंग एवं आचरण से आध्यात्मिक उन्नति को प्राप्त होते रहे है | इसके फलस्वरूप १९८७-८८-८९ में "NOT  KNOWING  STATE" में पदार्पण हुआ | इसी समय सन ८७ से ९० के मध्य अब तक लिए गए अलग अलग जन्मो के विषय में जाना |

"NOT  KNOWING  STATE" की प्रारंभिक अवस्था में Physical Transformation  हुआ | इसके परिणाम स्वरूप इन्द्रिजन्य एवं मानसिक परिवर्तन हुए | सन २००० में Physical  Body  का Subtle  Body  में Transformation  होने लगा जो सन २००६-२००७ में पूर्णत्व को प्राप्त हुआ | इसके अंतर्गत अनेक क्रियाएँ, मुद्राएँ एवं सप्त चक्र जागरण घटित हुआ, कुण्डलिनी जागरण की क्रिया संपन्न हुई | इसके अंतिम पायदान के रूप में खेचरी मुद्रा, ब्रह्मरस पण घटित हुआ | कुण्डलिनी जागरण के परिणाम स्वरुप "प्रकृतिस्थता" की अवस्था में आए |

आपके द्वारा सत्य के अन्वेषण एवं साधना के दौरान जो स्वानुभूति, साक्षात्कार हुआ उसे साधको के हितार्थ शब्दों के माध्यम से पुस्तको के रूप में एवं सूक्ष्म चित्रांकन (Astral  Images ) के माध्यम से मुद्राओ द्वारा कुण्डलिनी जागरण प्रक्रिया को साधको एवं जान मानस के समक्ष रखा है |

अत्यंत उलझाव भरे कठिन पथरीले साधना पथ में साधको का मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायक उत्साहवर्धन आपके द्वारा संभव हुआ है जो मुमुक्षुओं को अत्यंत लाभप्रद है | सभी जिज्ञासाओं का शमन करते हुए साधको के स्वहितार्थ मार्गदर्शन जारी है |





Sample Page


यौगिक क्रियाएँ (एक योगी के अनुभव)- Experiences of a Yogi

Item Code:
NAI817
Cover:
Paperback
Edition:
2011
Publisher:
ISBN:
9788122312331
Language:
Hindi
Size:
8.5 inch X 5.5 inch
Pages:
216
Other Details:
Weight of the Book: 240 gms
Price:
$16.00   Shipping Free
Look Inside the Book
Be the first to rate this product
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
यौगिक क्रियाएँ (एक योगी के अनुभव)- Experiences of a Yogi
From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 8773 times since 25th Jun, 2019

पुस्तक के विषय में

श्री प्रभाकर केशवराव मोतीवाले जिन्हे आत्मीयजन "बापू" के नाम से जानते है , एक सहज, सरल, सौम्य, प्रेममय, चैतन्य व्यक्तित्व जिनकी सागर समान गहरी आँखे उनके व्यक्तित्व का सतत भं करती रहती है |

मात्र वर्ष की अल्पायु में ही आपको अपने पूर्व जन्मो की घटनाएँ समझने आने लगी |

सन १९७७-७८ में साधना तासीर पर रहते हुए सूक्ष्म जगत की दिव्य आत्माओ के संपर्क में आए | सूक्ष्म जगत के संचालनकर्ता परम गुरु श्री कालनमेजी के मार्गदर्शन एवं सूक्ष्म जगत की दिव्य आत्माओ के सहयोग, सतसंग एवं आचरण से आध्यात्मिक उन्नति को प्राप्त होते रहे है | इसके फलस्वरूप १९८७-८८-८९ में "NOT  KNOWING  STATE" में पदार्पण हुआ | इसी समय सन ८७ से ९० के मध्य अब तक लिए गए अलग अलग जन्मो के विषय में जाना |

"NOT  KNOWING  STATE" की प्रारंभिक अवस्था में Physical Transformation  हुआ | इसके परिणाम स्वरूप इन्द्रिजन्य एवं मानसिक परिवर्तन हुए | सन २००० में Physical  Body  का Subtle  Body  में Transformation  होने लगा जो सन २००६-२००७ में पूर्णत्व को प्राप्त हुआ | इसके अंतर्गत अनेक क्रियाएँ, मुद्राएँ एवं सप्त चक्र जागरण घटित हुआ, कुण्डलिनी जागरण की क्रिया संपन्न हुई | इसके अंतिम पायदान के रूप में खेचरी मुद्रा, ब्रह्मरस पण घटित हुआ | कुण्डलिनी जागरण के परिणाम स्वरुप "प्रकृतिस्थता" की अवस्था में आए |

आपके द्वारा सत्य के अन्वेषण एवं साधना के दौरान जो स्वानुभूति, साक्षात्कार हुआ उसे साधको के हितार्थ शब्दों के माध्यम से पुस्तको के रूप में एवं सूक्ष्म चित्रांकन (Astral  Images ) के माध्यम से मुद्राओ द्वारा कुण्डलिनी जागरण प्रक्रिया को साधको एवं जान मानस के समक्ष रखा है |

अत्यंत उलझाव भरे कठिन पथरीले साधना पथ में साधको का मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायक उत्साहवर्धन आपके द्वारा संभव हुआ है जो मुमुक्षुओं को अत्यंत लाभप्रद है | सभी जिज्ञासाओं का शमन करते हुए साधको के स्वहितार्थ मार्गदर्शन जारी है |





Sample Page


Post a Comment
 
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to यौगिक क्रियाएँ (एक योगी के... (Hindu | Books)

महर्षि महेश योगी: Maharishi Mahesh Yogi
Deal 20% Off
by Halina & Rowland Allison
PAPERBACK (Edition: 2009)
New Age Books
Item Code: NZM286
$29.00$23.20
You save: $5.80 (20%)
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
Thank you so much. Your service is amazing. 
Kiran, USA
I received the two books today from my order. The package was intact, and the books arrived in excellent condition. Thank you very much and hope you have a great day. Stay safe, stay healthy,
Smitha, USA
Over the years, I have purchased several statues, wooden, bronze and brass, from Exotic India. The artists have shown exquisite attention to details. These deities are truly awe-inspiring. I have been very pleased with the purchases.
Heramba, USA
The Green Tara that I ordered on 10/12 arrived today.  I am very pleased with it.
William USA
Excellent!!! Excellent!!!
Fotis, Greece
Amazing how fast your order arrived, beautifully packed, just as described.  Thank you very much !
Verena, UK
I just received my package. It was just on time. I truly appreciate all your work Exotic India. The packaging is excellent. I love all my 3 orders. Admire the craftsmanship in all 3 orders. Thanks so much.
Rajalakshmi, USA
Your books arrived in good order and I am very pleased.
Christine, the Netherlands
Thank you very much for the Shri Yantra with Navaratna which has arrived here safely. I noticed that you seem to have had some difficulty in posting it so thank you...Posting anything these days is difficult because the ordinary postal services are either closed or functioning weakly.   I wish the best to Exotic India which is an excellent company...
Mary, Australia
Love your website and the emails
John, USA
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2020 © Exotic India