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अष्टावक्र महागीता: Ashtavakra Gita (Word-to-Word Meaning with Hindi Translation)

पुस्तक के विषय में

कहां है सुख ? क्या है दुखों का कारण ? बंधन क्या है और किसे कहते है मुक्ति ? क्या है जीवन का परम लक्ष्य ? कैसे पाया जा सकता है उसे ? संसार क्या है ? ज्ञानी कौन है ? मई कौन हू ? जीवन के ऐसे ही सवालो का खुलासा करने वाला एक परम संवाद !

एक ऐसा चमत्कारी संवाद जिसने सुनने को बना दिया विदेह और सुनाने वालो की समूची वक्रता हर ली | अध्यात्म जगत का ऐसा अपूर्व ग्रंथ जिसका प्रत्येक सूत्र आपके जन्म - जन्मांतरों की गुत्थियों को इस तरह खोल देगा मनो वे कभी थी ही नहीं |

एक ऐसा पावन ग्रंथ जो दिलाएगा आपको आपका स्वभाव सिद्ध अधिकार जिसका अनुभव कर आप कह उठेंगे अंह ब्रह्मास्मि 'मैं ही ब्रह्म हूं' और प्राप्ति होगी परम विश्रांति परम सुख और सभी संतापों से सदा सदा के लिए मुक्ति |


















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